जमीन पर उतरकर काम करें अधिकारी, वरना होगी कार्रवाई, नगरीय आयुक्त संकेत भोंडवे ने समीक्षा बैठक में जताई सख्ती

नगर निकायों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के निर्देश

जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सोमवार, 23 जून 2025 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त संकेत भोंडवे ने नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की सघन समीक्षा की। बैठक में योजनाओं की धीमी प्रगति, ठेकेदारों की लापरवाही, उच्च विद्युत बिल और अधूरी परियोजनाओं पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को जमीन पर उतरकर कार्य करने की सख्त चेतावनी दी।



योजनाओं की समीक्षा में सामने आई खामियां

बैठक में अमृत योजना 1.0 व 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी जबलपुर, मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजनाएं, आवासीय परियोजनाएं, सीएम हेल्पलाइन, पीएमई बस, अर्बन मोबिलिटी, विद्युत बिल, वेतन भुगतान, स्पर्श पोर्टल, तथा 15वें व 16वें वित्त आयोग संबंधी प्रगति की समीक्षा की गई।

आयुक्त ने बताया कि कई नगर निकायों में ठेकेदारों की लापरवाही, गलत ऊर्जा आकलन, और स्थानीय अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण योजनाओं की गति बेहद धीमी है। इस पर भोंडवे ने चेतावनी दी कि “यदि अगली बैठक तक अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।”


"डिजिटल पोर्टलों का प्रभावी उपयोग करें" – भोंडवे

आयुक्त ने सभी सीएमओ और विभाग प्रमुखों को कहा कि वे सीएम हेल्पलाइन, एसएनए पोर्टल (स्पर्श) और आवास योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधूरी आवासीय योजनाओं को PPP मॉडल या हाउसिंग बोर्ड के सहयोग से पूर्ण किया जाए


ऊर्जा ऑडिट और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर बल

आयुक्त ने उच्च विद्युत बिलों पर चिंता जताते हुए सभी नगरीय निकायों को ऊर्जा ऑडिट कराने और सटीक आकलन के जरिए बिजली बिल में कटौती करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगमों को आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करने हेतु स्थानीय राजस्व में वृद्धि और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता जताई।


कौन-कौन रहा मौजूद?

समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त डॉ. परीक्षित झाड़े, स्मार्ट सिटी सीईओ अनुराग सिंह, प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा, संयुक्त संचालक परमेश जलोटे, नगर निगम जबलपुर के अधिकारी व्ही.एन. बाजपेयी, मनोज श्रीवास्तव, कमलेश श्रीवास्तव, अंकिता जैन, राकेश तिवारी, सहित जबलपुर संभाग की सभी नगरपालिकाओं के अधिकारी, इंजीनियर, स्वास्थ्य अधिकारी और योजना प्रभारी उपस्थित रहे।


आयुक्त का दो टूक संदेश:

"अब समीक्षा बैठकों का कोई औपचारिक मतलब नहीं, परिणाम चाहिए। अधिकारी फील्ड में जाकर योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करें। जनता का विश्वास हमारी पहली जिम्मेदारी है।”
संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

यह समीक्षा बैठक नगर प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है। संकेत भोंडवे द्वारा उठाए गए सख्त कदम से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी महीनों में नगरीय योजनाओं की प्रगति में तेजी आएगी और जबलपुर संभाग में अधूरी योजनाएं शीघ्र पूर्ण होंगी।

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