मृतकों के ‘आधार’ के दुरुपयोग पर यूआईडीएआई सख्त, अब तक 1.17 करोड़ आधार हुए निष्क्रिय

"माय आधार पोर्टल" पर शुरू हुई नई सेवा, परिजनों को अब सीधे सूचना देने की सुविधा

📍 नई दिल्ली, 16 जुलाई 2025 | भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने मृतकों के आधार कार्ड के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने अब तक 1.17 करोड़ से अधिक आधार संख्या को निष्क्रिय कर दिया है। यह कार्रवाई उन मामलों के बाद की गई है जिनमें मृतक व्यक्तियों की पहचान का दुरुपयोग सामने आया था।

यूआईडीएआई ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह पहल देशभर में आधार डेटाबेस को अद्यतन और सटीक बनाए रखने के लिए की जा रही है। इसके तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1.55 करोड़ मृत्यु रिकॉर्ड नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं। उचित सत्यापन के बाद इनमें से 1.17 करोड़ आधार संख्याएं निष्क्रिय कर दी गई हैं।

🔍 अब परिजन खुद दे सकेंगे सूचना

UIDAI ने “माय आधार पोर्टल” पर एक नई सेवा शुरू की है, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक अपने परिवार के मृत सदस्य की मृत्यु की सूचना ऑनलाइन दे सकता है।
प्रक्रिया के अनुसार –

  • परिवार का कोई सदस्य पोर्टल पर स्वयं को प्रमाणित करेगा

  • मृतक का आधार नंबर और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी जैसे मृत्यु पंजीकरण संख्या और जनसंख्या संबंधी विवरण भरेगा

  • फिर सत्यापन के बाद उस आधार को स्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

🔄 गैर-सीआरएस राज्यों में भी कार्रवाई जारी

प्राधिकरण ने जानकारी दी कि गैर-सीआरएस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी अब तक 6.7 लाख मृत्यु रिकॉर्ड प्राप्त हुए हैं और उन पर कार्रवाई जारी है। साथ ही UIDAI इन राज्यों के पोर्टल से एकीकरण की दिशा में भी काम कर रहा है।

🧓 100 वर्ष से अधिक उम्र वालों की भी जांच

यूआईडीएआई ने बताया कि एक पायलट परियोजना के तहत, जिन आधार धारकों की उम्र 100 वर्ष से अधिक है, उनके विवरण राज्य सरकारों के साथ साझा किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अभी जीवित हैं या नहीं।

यह कदम न केवल आधार की विश्वसनीयता बनाए रखने में सहायक होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों को भी रोकेगा


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✍️ संपादक: दयाल चंद यादव (MCJ)

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