प्रशासन की चेतावनी: नदी किनारे बसे ग्रामीण रहें सतर्क, भारी जलप्रवाह से कई मार्ग पूर्णतः बाधित
लांजी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां सालेटेकरी मार्ग पर स्थित बकरामुंडी पुल पर पानी भर जाने से यह मार्ग शनिवार को पूर्णतः अवरुद्ध रहा। अमेड़ा और बहेला के बाजार क्षेत्रों सहित दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
काटेश्वर धाम के समीप काशीनाला भी उफान पर रहा। मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंच गया, बावजूद इसके श्रद्धालुओं ने घुटनों तक पानी में चलकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया।
लांजी के ग्रामीण मार्गों जैसे सिंगोला-बहेला, खोलमारा-कोसमारा और लांजी-सालेटेकरी कटंगनाला आदि पूरी तरह से जलमग्न होकर अवरुद्ध हो गए हैं। जलस्तर इतना अधिक है कि वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही असंभव हो गई है।
15 गांव बाहरी दुनिया से कटे
जिले के बैहर विधानसभा क्षेत्र में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। बैहर-गढ़ी मार्ग पर रेवनी नाला के उफान पर रहने के कारण कम से कम 15 गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया। बताया गया कि शनिवार सुबह से ही नाला अपने उफान पर था, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद रहा।
प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए नदी किनारे बसे गांवों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बंद मार्गों की सूची (26 जुलाई 2025 तक):
-
सिंगोला से बहेला
-
लांजी से सालेटेकरी
-
खोलमारा से कोसमारा
-
बैहर से गढ़ी
-
भंडारपुर से चार टोला
-
जानपुर से करहु
-
बाकीगुड़ा से पलेरा
-
बिसतवाही से निक्कुम
-
लफरा से पौसेरा
इन मार्गों पर यातायात पूरी तरह से बंद है और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीणों से अपील है कि प्रशासन की सलाह का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
एक टिप्पणी भेजें