बरगी नगर में वनाधिकार जागरूकता हेतु विशेष प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ

बरगी नगर, जबलपुर, 30 जुलाई 2025।
वन अधिकार अधिनियम 2006 की गहन जानकारी और जमीनी क्रियान्वयन को लेकर बरगी नगर में सच्चा प्रयास समिति की ओर से एक द्विदिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र आरंभ हुआ। यह आयोजन व्यक्तिगत तथा सामूहिक वनाधिकार दावों की प्रक्रिया को समझने और ग्राम स्तर पर क्षमता निर्माण के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।


प्रशिक्षण के पहले दिन एफआरए 2006 की मूल अवधारणाओं, कानूनी आधारों और कार्यान्वयन संबंधी प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर जबलपुर से आमंत्रित वरिष्ठ अधिवक्ता एवं वनाधिकार मामलों के विशिष्ट ज्ञाता एडवोकेट राहुल श्रीवास्तव ने 12 ग्रामों से आए प्रतिनिधियों एवं पैरा लीगल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि—"यह प्रशिक्षण केवल कानूनी ज्ञान का नहीं, बल्कि आत्मसाक्षात्कार का माध्यम भी है।" उन्होंने ग्राम सभा की वैधानिक भूमिका, उसकी बैठक की वैधता, उसमें वनाधिकार विषयक मुद्दों को विधिवत सम्मिलित करने की रणनीतियां, पात्रता की कसौटियां—जैसे अनुसूचित जनजातियों, पारंपरिक वनवासियों और विशेष रूप से वंचित जनजातीय समूहों के अधिकार—पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किस प्रकार सर्वेक्षित और गैर-सर्वेक्षित ग्रामों को राजस्व ग्राम में रूपांतरित करने की प्रक्रिया संपन्न होती है, तथा सामुदायिक वन संसाधनों पर अधिकार का वास्तविक निहितार्थ क्या है। विकास परियोजनाओं और एफआरए के मध्य संतुलन को कैसे साधा जाए, इस पर भी चिंतन प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे प्रमुख वक्ता श्यामलाल तिवारी, जो कि क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी हैं, ने वर्तमान परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए कहा—"एक दशक पूर्व हमने जिन बीजों को बोया था, वे आज भी उपेक्षा की धूल में दबे हैं। अनेक वनवासी आज भी अपने नैसर्गिक अधिकारों से अनभिज्ञ और वंचित हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम स्तर की वनाधिकार समितियां निष्क्रिय अवस्था में हैं, जिन्हें इस प्रशिक्षण के उपरांत सक्रिय करने की आवश्यकता है ताकि शेष दावे तत्काल प्रभाव से दाखिल किए जा सकें।

इस प्रेरणादायी प्रशिक्षण में सच्चा प्रयास समिति के संयोजक परवेज़ ख़ान, ललिता काछी, अफज़ल ख़ान, सुषमा यादव सहित क्षेत्र के प्रमुख सहभागी—ओमप्रकाश परस्ते, चंदूलाल बर्मन, रूपचंद यादव, टप्पू लाल परस्ते, प्रकाश बरकड़े, ग्राम सचिव रवि उईके, रामदीन पटेल, भीकम मरावी, संजय विश्वकर्मा एवं अन्य 12 ग्रामों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह आयोजन न केवल विधिक साक्षरता का माध्यम बना, बल्कि वन-जन और विधि के बीच पुल का कार्य भी करता दिखा।

📢 अक्षर सत्ता – निर्भीकता, निष्पक्षता और प्रखर विश्लेषण की सशक्त पत्रकारिता का स्तंभ
📞 समाचार, विज्ञापन या कवरेज हेतु संपर्क करें: 9424755191
✍️ संपादक: दयाल चंद यादव (MCJ)
🌐 वेबसाइट: www.aksharsatta.page

Post a Comment

और नया पुराने