कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वी.डी. सावरकर पर की गई टिप्पणी के मामले में नासिक की एक अदालत ने 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। यह मामला 2022 में 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान दिए गए एक भाषण से जुड़ा है, जिसे लेकर मानहानि का केस दर्ज किया गया था।
⚖️ वीडियो लिंक से पेश हुए राहुल गांधी, कहा – “मैं निर्दोष हूं”
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आर.सी. नरवाडिया की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश होकर राहुल गांधी ने खुद को निर्दोष बताया। इसके बाद उनके वकीलों ने अदालत से जमानत की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
📝 मामला क्या है?
नासिक के सामाजिक कार्यकर्ता और एनजीओ निदेशक देवेंद्र भुतड़ा ने 2022 में राहुल गांधी के उस बयान को आधार बनाकर मामला दर्ज कराया था जिसमें उन्होंने कहा था कि:
सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी और रिहाई के लिए हाथ जोड़कर प्रार्थना की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह टिप्पणी न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की छवि को धूमिल करती है बल्कि समाज में उनके योगदान का भी अपमान है।
📌 किन धाराओं में मामला दर्ज है?
यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है:
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धारा 500 – मानहानि
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धारा 504 – जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने का प्रयास
🧑⚖️ पुणे में भी एक मामला विचाराधीन
बता दें कि सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने भी पुणे की एक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कर रखा है। यह मामला भी उनके सार्वजनिक बयानों को लेकर चल रहा है।
🎙️ वकील ने क्या कहा?
शिकायतकर्ता के वकील मनोज पिंगले ने बताया:
राहुल गांधी की टिप्पणियां सावरकर जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली थीं। हमने अदालत में सभी तथ्यों को पेश किया है, सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
🔍 आगे क्या?
अदालत ने राहुल गांधी को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने या वीडियो माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया है, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
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