शिक्षित परिवार की प्रतिभावान बेटी
दीपल जैन, बालाघाट के प्रसिद्ध अधिवक्ता जितेन्द्र जैन और शिक्षिका मोना जैन की बेटी हैं। शिक्षित परिवार में जन्मी दीपल बचपन से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने दादाबाड़ी स्कूल से 12वीं बोर्ड की परीक्षा न केवल उत्तीर्ण की, बल्कि प्रदेश में टॉप भी किया। बचपन से डॉक्टर बनने का सपना संजोए दीपल ने अपनी कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग से इस मुकाम को हासिल किया।
गरीबों की सेवा का संकल्प
डॉ. दीपल जैन ने बताया कि उनकी डॉक्टरी पढ़ाई के पीछे एक बड़ा उद्देश्य है। वे चाहती हैं कि कोई भी गरीब व्यक्ति चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा, "मेरा हमेशा प्रयास रहेगा कि मैं इस पेशे के माध्यम से गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा कर सकूं।" उनकी इस सोच ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे बालाघाट को गर्व का अनुभव कराया है।
परिवार और समुदाय की खुशी
दीपल के डॉक्टर बनने पर उनके पिता जितेन्द्र जैन, मां मोना जैन, नाना रिटायर्ड प्रिंसिपल प्रो.एल.सी. जैन, नानी लक्ष्मी जैन, और समस्त सिंघई परिवार ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है। दीपल की इस उपलब्धि को बालाघाट के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
प्रेरणा का स्रोत
दीपल जैन की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि जिले के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बनने का काम किया है। उनकी कहानी मेहनत, समर्पण और सपनों को सच करने की प्रेरक मिसाल है।
अक्षर सत्ता: सत्य और विश्वसनीयता की प्रतिबद्धता
अक्षर सत्ता निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कटिबद्ध है। हमारा उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करना और सत्य को जन-जन तक पहुंचाना है। इस समाचार के माध्यम से हमारा प्रयास है कि देशभर के पाठकों को समय पर सटीक और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हो।
अक्षर सत्ता – सत्य की आवाज़, जनता का विश्वास!
एक टिप्पणी भेजें