राहुल गांधी का सनसनीखेज दावा, हमारे पास EC के ‘वोट चोरी' के सबूत के 'एटम बम'

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं, जो यह साबित करते हैं कि आयोग ‘वोट चोरी’ में लिप्त है और यह सब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर हो रहा है। गांधी ने इन सबूतों को ‘एटम बम’ की संज्ञा दी, जिसके सार्वजनिक होने पर निर्वाचन आयोग की साख पर गहरा संकट मंडराने का दावा किया।


संसद परिसर में तीखा हमला

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा, “मैं स्पष्ट कह रहा हूँ, यह हल्का-फुल्का बयान नहीं है। हमारे पास 100% पुख्ता सबूत हैं कि निर्वाचन आयोग वोट चोरी में शामिल है और यह काम भाजपा के लिए किया जा रहा है। जैसे ही हम ये सबूत सार्वजनिक करेंगे, पूरे देश को पता चल जाएगा कि आयोग लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमें मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में अनियमितताओं का संदेह था। इसके बाद हमने छह महीने तक गहन जांच की। जो सबूत हमें मिले हैं, वे इतने विस्फोटक हैं कि जब ये सामने आएंगे, तो निर्वाचन आयोग को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी।”

‘राष्ट्रद्रोह’ का आरोप, कड़ी चेतावनी

राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “निर्वाचन आयोग में जो लोग यह काम कर रहे हैं, वे हिंदुस्तान के खिलाफ काम कर रहे हैं। यह राष्ट्रद्रोह है। चाहे आप सेवानिवृत्त हो जाएं या कहीं भी हों, हम आपको ढूंढ निकालेंगे और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।”

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कर्नाटक के एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूचियों की जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया

निर्वाचन आयोग ने 24 जुलाई को राहुल गांधी के इन आरोपों पर कड़ा ऐतराज जताया था। आयोग ने कहा था कि विपक्ष के नेता ने न केवल बेबुनियाद आरोप लगाए, बल्कि एक संवैधानिक संस्था को धमकाने का भी प्रयास किया। आयोग ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया था।

कांग्रेस की रणनीति और भविष्य

राहुल गांधी के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि वह इन सबूतों को जल्द ही जनता के सामने लाएगी, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकता है।

क्या राहुल गांधी के ‘एटम बम’ जैसे सबूत सचमुच निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करेंगे, या यह एक राजनीतिक दांव है? आने वाले दिन इस सनसनीखेज दावे की सच्चाई को उजागर करेंगे।

📢 अक्षर सत्ता – सत्य, निष्पक्षता और गहन विश्लेषण के साथ पत्रकारिता की नई मिसाल
📞 संपर्क करें: समाचार, विज्ञापन या कवरेज के लिए 9424755191 पर संपर्क करें।
✍️ संपादक: दयाल चंद यादव (MCJ)
🌐 वेबसाइट: www.aksharsatta.page

Post a Comment

और नया पुराने