🇮🇷 ईरान की तीखी प्रतिक्रिया: "हम पूरी ताकत से जवाब देंगे"
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा:
“अमेरिका ने एक जारी कूटनीतिक प्रक्रिया के बीच इस्राइल जैसे नरसंहारकारी शासन का समर्थन कर विश्व शांति और कूटनीति का मजाक उड़ाया है।”
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका हमलों को जारी रखता है, तो ईरान के पास आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और वह अपनी संप्रभुता, नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी विकल्प खुले रखेगा।
🧨 तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी, परिणाम भयावह
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा कि:
“इस्फहान, फोर्दो और नतांज पर आज सुबह हुए हमले भयावह हैं और इसके परिणाम बहुत दूरगामी होंगे।”
📍हमले के प्रमुख बिंदु:
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स्थान: इस्फहान, फोर्दो और नतांज (ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्र)
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समय: रविवार तड़के
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कार्रवाई: अमेरिका ने इस्राइल के साथ मिलकर बमबारी की
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प्रतिक्रिया: ईरान का जवाब देने का संकेत, अंतरराष्ट्रीय निंदा
🌍 दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं: संयम और कूटनीति की अपील
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने चिंता जताते हुए कहा:
“यह संघर्ष तेजी से नियंत्रण से बाहर जा सकता है, जो पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकता है। इसका कोई सैन्य समाधान नहीं है — केवल कूटनीति ही रास्ता है।”
चीन का तंज: क्या अमेरिका फिर वही गलती दोहरा रहा है?
चीन की सरकारी मीडिया ने अपने विश्लेषण में सवाल उठाया कि क्या अमेरिका पश्चिम एशिया में इराक जैसी गलती दोहरा रहा है।
जापान और दक्षिण कोरिया ने बुलाई आपात बैठकें
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जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ आपात बैठक बुलाई है।
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दक्षिण कोरिया भी सुरक्षा और आर्थिक प्रभाव पर चर्चा करने के लिए समीक्षा बैठक कर रहा है।
न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया ने दिया शांति का संदेश
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न्यूजीलैंड ने सभी पक्षों से वार्ता की अपील की।
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ऑस्ट्रेलिया ने दोहराया कि क्षेत्र में स्थायित्व के लिए संवाद ही एकमात्र समाधान है।
🔴 क्या कहता है अमेरिका?
हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने हमले की सीधे पुष्टि नहीं की है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही यह संकेत दे चुके थे कि यदि ज़रूरत पड़ी तो वे इस्राइल का साथ देंगे। अब महज दो दिन में अमेरिका ने निर्णायक कदम उठाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
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