मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला: हाई कोर्ट ने सभी 12 आरोपी बरी किए

📍 मुंबई, 21 जुलाई 2025।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों से जुड़े एक ऐतिहासिक और बहुचर्चित मामले में सभी 12 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। यह फैसला 19 साल पुराने मामले में न्याय की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।



⚖️ उच्च न्यायालय ने विशेष मकोका अदालत के फैसले को किया खारिज

न्यायमूर्ति अनिल किलोर और श्याम चांडक की खंडपीठ ने कहा कि:

अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य, आरोपियों के विरुद्ध आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय नहीं हैं। यह विश्वास करना कठिन है कि आरोपियों ने यह अपराध किया था।

🔍 जांच में खामियां, गवाहों की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

  • अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

  • अविश्वसनीय गवाह,

  • संदिग्ध पहचान परेड,

  • यातना देकर लिए गए कथित इकबालिया बयान,

  • और बम की तकनीकी जानकारी की पुष्टि न होना — इन सभी को फैसले की नींव में माना गया।

  • अदालत ने माना कि साक्ष्य का कोई स्पष्ट मूल्य नहीं है।


🚨 2006 की घटना में 189 की मौत, 700 से अधिक घायल

11 जुलाई 2006 को मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सांताक्रूज़, बांद्रा, माहिम, जोगेश्वरी, मीरा रोड, माटुंगा और बोरीवली जैसे स्टेशनों के बीच प्रेशर कुकर बम धमाकों में 189 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।


🕵️‍♂️ ATS की जांच, SIMI और लश्कर का नाम, लेकिन कोर्ट में फेल

  • महाराष्ट्र एटीएस ने जांच में सिमी और लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका का दावा किया था।

  • मुख्य साजिशकर्ता के रूप में मोहम्मद फैजल शेख को बताया गया, जिसे हवाला फंडिंग मिली थी।

  • लेकिन अदालत में ये दावे सिद्ध नहीं हो सके। 

    🧑‍⚖️ फैसला: 5 की फांसी और 7 की उम्रकैद रद्द

    निचली अदालत ने 2015 में पांच लोगों को फांसी और सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
    अब हाई कोर्ट ने सभी को दोषमुक्त करते हुए सजा रद्द कर दी है

    फांसी की सजा पाए आरोपी:

    1. कमाल अंसारी (कोविड-19 से नागपुर जेल में निधन)

    2. मोहम्मद फैज़ल शेख

    3. अता-उर-रहमान शेख

    4. एहतेशाम सिद्दीकी

    5. नवीद हुसैन खान

    6. आसिफ खान

    उम्रकैद पाए आरोपी:

    1. तनवीर अंसारी

    2. मोहम्मद माजिद

    3. शेख मोहम्मद अली

    4. मोहम्मद साजिद

    5. मुज़म्मिल अता-उर-रहमान

    6. सोहेल शेख

    7. जमीर लतीफ


    🧑‍⚖️ जमीयत उलेमा और अधिवक्ताओं की कानूनी जीत

    जमीयत उलेमा महाराष्ट्र की कानूनी सहायता समिति के वरिष्ठ वकील मोहित चौधरी, एस. नागामथु और अन्य अधिवक्ताओं ने बचाव पक्ष की पैरवी की।
    वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी ने कहा: 

  • यह न्याय की जीत है, और देश की न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास और मजबूत करेगा।

    🔓 तत्काल रिहाई का आदेश

    • अदालत ने सभी आरोपियों की तत्काल रिहाई का आदेश दिया, बशर्ते उनके खिलाफ कोई अन्य मामला लंबित न हो।

    • प्रत्येक को ₹25,000 के निजी मुचलके पर रिहा करने को कहा गया।

    • आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कोर्ट में पेश हुए और अपनी कानूनी टीम को धन्यवाद दिया।


    📉 ATS की साख पर सवाल

    बॉम्बे हाई कोर्ट का यह फैसला महाराष्ट्र एटीएस की कार्यशैली और साक्ष्य जुटाने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

    यह केस देश में आतंकवाद विरोधी जांच की प्रक्रिया और निष्पक्ष न्याय व्यवस्था पर गहन विमर्श को जन्म देगा।

  • 📢 अक्षर सत्ता – तेज़तर्रार आपका अख़बार, जनता के हक़ का पहरेदार
    📞 समाचार, लेख, विज्ञापन या कवरेज के लिए संपर्क करें: 9424755191
    ✍️ संपादक: दयाल चंद यादव (MCJ)

    🌐 www.aksharsatta.page 

Post a Comment

और नया पुराने