स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, धनखड़ को मनाने की पहल करें प्रधानमंत्री : कांग्रेस

नई दिल्ली, 21 जुलाई 2025।
देश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार शाम को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक औपचारिक पत्र भेजकर अपना त्यागपत्र सौंपा और संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की घोषणा की।



🏛️ 74 वर्षीय धनखड़ ने किया भावुक विदाई संदेश साझा

जगदीप धनखड़ ने अपने पत्र में लिखा:

स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह के पालन हेतु, मैं तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में AIIMS दिल्ली में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी। डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।


📜 2022 में उपराष्ट्रपति बने थे, 2027 तक था कार्यकाल

धनखड़ को 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का उम्मीदवार बनाया गया था और वह भारी मतों से उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। उन्होंने राज्यसभा के सभापति के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान विपक्ष से कई बार तीखे टकराव भी देखने को मिले।


⚖️ महाभियोग प्रस्ताव और संसद में विपक्ष से टकराव बना रहा चर्चा का विषय

धनखड़ पर महाभियोग चलाने का प्रस्ताव विपक्ष द्वारा संसद में प्रस्तुत किया गया था, जिसे बाद में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया था। यह घटना स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी वर्तमान उपराष्ट्रपति को हटाने का पहला मामला थी, जिसने उन्हें और ज्यादा राजनीतिक सुर्खियों में ला दिया था।

स्वतंत्र भारत के इतिहास में दूसरा इस्तीफा देने वाले उपराष्ट्रपति

धनखड़ दूसरे ऐसे उपराष्ट्रपति बने हैं जिन्होंने पद पर रहते हुए इस्तीफा दिया है। उनसे पहले वी.वी. गिरि ने 20 जुलाई 1969 को राष्ट्रपति पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने हेतु उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र दिया था।


🙏 राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सांसदों का जताया आभार

धनखड़ ने अपने त्यागपत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद और सांसदों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा:

मेरे कार्यकाल में जो सहयोग, स्नेह और विश्वास मुझे प्राप्त हुआ, वह मेरी स्मृति में हमेशा बना रहेगा। राष्ट्र के आर्थिक विकास, लोकतांत्रिक मजबूती और वैश्विक उत्थान को करीब से देखना मेरे लिए सौभाग्य और संतोष का विषय रहा है।

📌 सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए झटका

धनखड़ का अचानक इस्तीफा ऐसे समय आया है जब राज्यसभा में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव विपक्ष द्वारा लाया गया था, और वह उसे विचारार्थ रख चुके थे। इस घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ एनडीए को रणनीतिक तौर पर झटका दिया है।

📌 धनखड़ को मनाने की पहल करें प्रधानमंत्री : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा देना चौंकाने वाला है लेकिन देश हित में उन्हें इस पर पुर्नविचार करना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस्तीफ़ा वापस लेने के लिए उन्हें मनाने की पहल करनी चाहिए।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जय राम रमेश ने कहा कि राज्यसभा के सभापति श्री धनखड़ का इस्तीफा देशहित में नहीं है और उन्हें इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्री मोदी को श्री धनखड़ को मनाने की पहल करनी चाहिए।

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