अमेरिका का भारत पर दोहरा प्रहार: 25% टैरिफ के बाद 6 भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 31 जुलाई 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए दो बड़े कदम उठाए हैं। एक ओर, भारत से आयातित सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है, जो 1 अगस्त 2025 से लागू होगी। दूसरी ओर, ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद और बिक्री के लिए छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इन कदमों ने भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में तनाव को और बढ़ा दिया है।


छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध

अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को घोषणा की कि 20 वैश्विक संस्थाओं पर ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल व्यापार में शामिल होने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें भारत की छह कंपनियां शामिल हैं: कंचन पॉलिमर्स, अलकेमिकल सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड, रमनीकलाल एस गोसालिया एंड कंपनी, जूपिटर डाई चेम प्राइवेट लिमिटेड, ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स लिमिटेड, और पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इन कंपनियों ने जनवरी 2024 से जनवरी 2025 के बीच ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों में 220 मिलियन डॉलर से अधिक के लेनदेन किए। विशेष रूप से:

  • अलकेमिकल सॉल्यूशन्स ने 84 मिलियन डॉलर से अधिक के पेट्रोकेमिकल उत्पाद आयात किए।

  • ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स ने 51 मिलियन डॉलर से अधिक के मेथनॉल और अन्य उत्पाद खरीदे।

  • जूपिटर डाई चेम ने 49 मिलियन डॉलर के टोल्यून सहित उत्पाद आयात किए।

  • रमनीकलाल एस गोसालिया ने 22 मिलियन डॉलर के मेथनॉल और टोल्यून खरीदे।

  • पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम ने 14 मिलियन डॉलर के मेथनॉल आयात किए।

  • कंचन पॉलिमर्स ने यूएई की कंपनी तनैस ट्रेडिंग के माध्यम से 1.3 मिलियन डॉलर के पॉलीएथिलीन उत्पाद खरीदे।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, “ईरानी सरकार अपनी अस्थिरताकारी गतिविधियों और आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पेट्रोकेमिकल व्यापार से अरबों डॉलर की अवैध आय अर्जित करती है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य इस राजस्व को रोकना है।”

ट्रंप का भारत और रूस पर तंज

ट्रंप ने भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मुझे परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी कमजोर अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ डुबो सकते हैं। भारत के टैरिफ दुनिया में सबसे अधिक हैं, और हमने उनके साथ बहुत कम व्यापार किया है।”

ट्रंप ने भारत की व्यापार नीतियों को “अत्यंत कठोर और फिजूल” करार देते हुए कहा कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा व्यापार, विशेष रूप से रूसी तेल की खरीद, वैश्विक प्रयासों को कमजोर करती है। भारत वर्तमान में रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है, जिसका हिस्सा 35-40% है।

पाकिस्तान के साथ तेल समझौता

ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में घोषणा की कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ मिलकर “विशाल तेल भंडार” विकसित करेगा। उन्होंने सवाल उठाया, “कौन जानता है, शायद एक दिन पाकिस्तान भारत को तेल बेचेगा!” हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप किन तेल भंडारों का जिक्र कर रहे थे, क्योंकि पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया से तेल आयात करता है।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम इन बयानों पर ध्यान दे रहे हैं और इसके प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं। भारत एक निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध है।” दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता की छठी दौर अगले महीने होने वाली है।

प्रतिबंधों का प्रभाव

इन प्रतिबंधों के तहत, उक्त कंपनियों की अमेरिका में मौजूद संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी, और अमेरिकी नागरिकों व कंपनियों को इनके साथ व्यापार करने से रोक दिया गया है। यह प्रतिबंध उन कंपनियों पर भी लागू होगा, जिनमें इन कंपनियों की 50% या अधिक हिस्सेदारी है। कंपनियां अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के कार्यालय से प्रतिबंध हटाने की अपील कर सकती हैं।

वैश्विक संदर्भ

अमेरिका ने 13 अन्य देशों की कंपनियों को भी प्रतिबंधित किया है, जिनमें यूएई, तुर्किये, चीन और इंडोनेशिया की कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा, 50 से अधिक जहाजों और व्यक्तियों को ईरान के शिपिंग नेटवर्क से जुड़े होने के लिए निशाना बनाया गया है, जिसे अमेरिका ने “2018 के बाद की सबसे बड़ी कार्रवाई” बताया है।

ट्रंप प्रशासन के इन कदमों ने भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों को और जटिल कर दिया है। भारत के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, क्योंकि वह रूस और ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका के साथ एक निष्पक्ष व्यापार समझौते की दिशा में भी काम कर रहा है।

📢 अक्षर सत्ता – निर्भीकता, निष्पक्षता और प्रखर विश्लेषण की सशक्त पत्रकारिता का स्तंभ
📞 संपर्क करें: समाचार, विज्ञापन या कवरेज के लिए 9424755191 पर संपर्क करें।
✍️ संपादक: दयाल चंद यादव (MCJ)
🌐 वेबसाइट: www.aksharsatta.page

Post a Comment

और नया पुराने