🔍 अतिथि शिक्षकों की 6 प्रमुख मांगे इस प्रकार हैं:
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अनुभव के आधार पर 12 माह की सेवावधि सहित स्थायी नियुक्ति प्रदान की जाए।
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ई-अटेंडेंस लागू करने से पहले आकस्मिक अवकाश और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं दी जाएं।
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सभी अतिथि शिक्षकों को एंड्रॉयड मोबाइल उपलब्ध कराए जाएं।
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रिक्त पदों पर फॉलन आउट शिक्षकों को वरीयता के आधार पर समायोजित किया जाए।
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विगत सत्र में कार्यरत शिक्षकों की तकनीकी विसंगतियां दूर कर पुनः नियुक्ति दी जाए।
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पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के लिए पंजीयन पोर्टल खोला जाए और स्कोर कार्ड में अनुभव के 10 अंक प्रति वर्ष जोड़े जाएं।
📢 ई-अटेंडेंस पर जताई आपत्ति:
ब्लॉक अध्यक्ष गेंदलाल राहंगडाले ने कहा कि सरकार ने ज़मीनी हकीकत को जाने बिना ही ई-अटेंडेंस जैसे नियम थोपने शुरू कर दिए हैं। हजारों अतिथि शिक्षकों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, कई गाँवों में इंटरनेट नहीं चलता, और बरसात के मौसम में विद्यालयों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है।
⚠️ आंदोलन की चेतावनी:
शिक्षकों ने साफ शब्दों में चेताया है कि यदि सरकार शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लेती तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा चुनाव पूर्व किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं।
🤝 ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख शिक्षकों में शामिल रहे:
गेंदलाल राहंगडाले, शैलेश मढ़ामें, दीपक सोनवाने, नरेश मिसारे, मुनेंद्र बोरकर, नीलिमा ठवरे, मीनाक्षी तिडके, प्रीति वासनिक और चंद्रशेखर दुरगकर सहित अनेक अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।
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