कांग्रेस का मोदी पर हमला: भारत को ‘कैप’ (चीन, अमेरिका, पाकिस्तान) से राजनीतिक चुनौती, ट्रंप के तेवर सख्त

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले वह देश में ‘टॉप’ (टमाटर, प्याज, आलू की कीमतें) की बात करते थे, लेकिन अब भारत को ‘कैप’चीन, अमेरिका, और पाकिस्तान—से उत्पन्न राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीतियों और भारत पर लगाए गए 25% आयात शुल्क को लेकर सरकार की आलोचना की।


ट्रंप के सख्त तेवर

जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के भारत के प्रति तेवर लगातार सख्त हो रहे हैं। 10 मई 2025 से अब तक ट्रंप 30 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाया। ये दावे उन्होंने चार अलग-अलग देशों में किए।” उन्होंने बताया कि 18 जून 2025 को ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान सेना प्रमुख और पहलगाम आतंकी हमलों के कथित सूत्रधार के साथ दोपहर का भोजन किया।

रमेश ने कहा, “30 जुलाई 2025 को ट्रंप ने भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 25% शुल्क और रूस से तेल व रक्षा खरीद पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया। इसके अलावा, ईरान से संबंध के आरोप में छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए गए।”

पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता

कांग्रेस नेता ने बताया कि ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका पाकिस्तान के तेल और गैस भंडारों की खोज और विकास में मदद करेगा। उन्होंने कहा, “यह उस वित्तीय सहायता से अलग है, जो ट्रंप पहले ही पाकिस्तान को आईएमएफ और विश्व बैंक से दिलवा चुके हैं।” रमेश ने इसे भारत के लिए एक रणनीतिक चुनौती करार दिया।

‘टॉप’ से ‘कैप’ तक

रमेश ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी पहले ‘टॉप’—टमाटर, प्याज, और आलू की कीमतों—की चुनौती की बात करते थे। अब भारत को ‘कैप’—चीन, अमेरिका, और पाकिस्तान—से राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।” उन्होंने दावा किया कि मोदी की विदेश नीति विफल रही है, जिसके कारण भारत वैश्विक मंच पर दबाव का सामना कर रहा है।

मोदी की ‘निजी दोस्ती’ पर सवाल

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी ने ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ निजी दोस्ती में बहुत निवेश किया, लेकिन दोनों नेताओं ने उनके अहंकार और आत्ममुग्ध स्वभाव का फायदा उठाया। रमेश ने कहा, “ट्रंप और शी को समझ आ गया है कि मोदी को कैसे साधा जा सकता है।”

छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध

रमेश ने उन छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध का जिक्र किया, जिन पर अमेरिका ने ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद के लिए पाबंदी लगाई है। इनमें कंचन पॉलिमर्स, अलकेमिकल सॉल्यूशन्स, रमनीकलाल एस गोसालिया एंड कंपनी, जूपिटर डाई चेम, ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स, और पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम शामिल हैं। यह प्रतिबंध भारत के रासायनिक और पेट्रोकेमिकल उद्योग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

भारत की प्रतिक्रिया

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा, “हम ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर नजर रखे हुए हैं और उनके प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। भारत एक निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध है।” भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का अगला दौर अगले महीने होने वाला है।

कांग्रेस ने ट्रंप की नीतियों और मोदी सरकार की कथित विफलताओं को लेकर भारत के सामने खड़ी राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों को उजागर किया है। चीन के साथ सीमा विवाद, अमेरिका के टैरिफ और प्रतिबंध, और पाकिस्तान को मिल रही अमेरिकी सहायता ने भारत की विदेश नीति को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

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