इस पुण्य आयोजन का सूत्रपात विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा किया गया, जिसका भव्य आयोजन रामकथा पंडाल परिसर में सम्पन्न हुआ। इस कर्मयोगी प्रयास में क्षेत्र के नवयुवकों, सामाजिक कर्मशीलों और श्रद्धालुजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। रुधिर समर्पण की यह साधना न केवल रोगग्रस्त जीवन को संजीवनी देती है, अपितु समाज में सेवा और सहयोग की परंपरा को भी सुदृढ़ करती है।
विहिप बजरंग दल लांजी प्रखंड के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर कहा, “हमारा उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक संगठनों के माध्यम से हिंदू समाज को सजग, संगठित और सेवाभावी बनाना है।”
विधायक राजकुमार कर्राहे ने रक्तदान की विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "रक्तदाता किसी अनदेखे जीवन को संबल देते हैं – यह महादान किसी यज्ञ से कम नहीं।" उन्होंने जनमानस में व्याप्त भ्रांतियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि “मानव शरीर हर चार माह में रक्त की पुनः सृष्टि करता है, इसलिए रक्तदान से शरीर निर्बल नहीं होता बल्कि नवीन ऊर्जा का संचार होता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “किसी नगर की जनसंख्या का न्यूनतम एक प्रतिशत यूनिट रक्त, ब्लड बैंक में सदैव सुरक्षित रहना चाहिए ताकि आकस्मिक चिकित्सा संकट में किसी भी ज़रूरतमंद को जीवनदान मिल सके।”
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न सामाजिक संस्थाएं साझीदार बनकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विधायक कर्राहे ने रक्तदान को 'जीवन का सर्वोच्च दान' बताते हुए समाज को आत्मीय सहयोग और मानवीय कर्तव्य के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी।
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