हरियाली अमावस्या के अवसर पर मप्र जन अभियान परिषद विकासखंड बालाघाट द्वारा हरियाली यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन महिलाओं की स्वैच्छिक भागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को समर्पित था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए जनजागरूकता फैलाना रहा।
🌱 हरियाली यात्रा के माध्यम से जन-जागृति
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय दुर्गा मंदिर से कलश यात्रा के रूप में हुई, जिसमें नवांकुर सखी की सहभागिता रही। यात्रा मोती गार्डन पहुंचकर पूजन, परिचर्चा और पौधारोपण के रूप में संपन्न हुई। इस अवसर पर वातावरण को स्वच्छ और हराभरा रखने का संकल्प लिया गया।
🌿 पौधारोपण के माध्यम से हरियाली का संकल्प
मोती गार्डन वाटिका में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर के मार्गदर्शन में नवांकुर सखियों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। सभी प्रतिभागियों ने इन पौधों के दीर्घकालिक संरक्षण का संकल्प लिया।
👥 मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं के प्रेरक विचार
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हेमेंद्र क्षीरसागर (पूर्व सदस्य, बाल कल्याण समिति) ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रत्येक नागरिक से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
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नरेश धूवारे (अध्यक्ष, जिला एथलेटिक्स संघ) ने कहा कि “यदि पर्यावरण असंतुलन को रोकना है, तो सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।”
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लालचंद पिपलेवार (क्रीड़ा भारती प्रभारी) ने युवाओं को पेड़-पौधों से जुड़ने की अपील की।
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ब्लॉक समन्वय वैजयंती कटरे ने बताया कि “नवांकुर सखी योजना के अंतर्गत महिलाओं को अभियान से जोड़ते हुए हर विकासखंड में हरियाली यात्रा निकाली जा रही है, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है।”
📷 कार्यक्रम में उल्लेखनीय सहभागिता
इस आयोजन में अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, परामर्शदाता व नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
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विनय गोयल, इसूलाल धावडे, हंसराज मेश्राम, मनोज सुलाके
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मालती बिसेन, वर्षा परिहार, रूपचंद बोरिकर, निकास एडे
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CMCLDP के छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नवांकुर सखीगण
📢 हरियाली अमावस्या के अवसर पर निकाली गई यह यात्रा सिर्फ पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक हरित संकल्प था — हर नागरिक एक पौधा लगाए, हर उत्सव हरियाली के नाम हो।
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