पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए मप्र जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था स्पोर्ट एंड स्काउट्स गाइड्स ऑर्गेनाइजेशन ने "नवांकुर सखी हरियाली यात्रा" का आयोजन किया। इस आयोजन में मातृशक्ति के माध्यम से हरियाली और प्रकृति संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का संदेश दिया गया।
🌱 मुख्य अतिथि विधायक कर्राहे ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार कर्राहे ने नवांकुर सखियों की सराहना करते हुए कहा—
पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, यह हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम 5 पौधे अवश्य लगाना चाहिए।
उन्होंने उपस्थित सखियों को एक पौधा अपनी मां और एक पौधा पिता के नाम पर लगाने की प्रेरणा दी, जिससे यह भावनात्मक रूप से जुड़ाव बढ़ाएगा और संरक्षण की भावना को मजबूत करेगा।
🌿 मातृशक्ति के हाथों पर्यावरण संरक्षण की पहल
💡 प्रेरक वक्तव्य और जागरूकता का संदेश
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ब्लॉक समन्वयक संतोष नगपुरे ने योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कार्यक्रम मातृशक्ति की भूमिका को पर्यावरण जागरूकता से जोड़ने की कोशिश है।
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मंडल अध्यक्ष आलोक चौरसिया ने मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप सखी कार्यक्रम को "जन-जागरूकता की महिला सशक्त पहल" बताया।
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श्यामलाल पांडे और श्रीमती दुर्गा रामटेक्कर ने वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे हरियाली अमावस्या जैसे पर्व से जोड़ने का आह्वान किया।
🌿 संकल्प के साथ वितरित किए गए पौधे
कार्यक्रम के समापन पर 104 नवांकुर सखियों को पौधे वितरित किए गए, जिन्हें वे अपने आंगन में लगाकर वर्षभर पालन-पोषण का संकल्प लेंगी। सखियों ने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या स्मृति दिवस पर पौधरोपण करने की प्रतिज्ञा ली।
👥 उल्लेखनीय सहभागिता
इस कार्यक्रम में 50 गणमान्य नागरिकों सहित परामर्शदाता विजय हटिले, निलेश्वर ठाकरे, ज्योति शकरपुडे, कैलास ब्रम्हपुरे, प्रमिला तिड़के, उषा सोमनकर, उल्का सातपुते सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
📢 "नवांकुर सखी हरियाली यात्रा"
मातृशक्ति को प्रकृति से जोड़कर हर घर को हरियाली का केंद्र बनाना इस अभियान का उद्देश्य है। हर पौधा सिर्फ हरियाली नहीं, जीवन की उम्मीद है।
— दयाल चंद यादव, संपादक (MCJ)
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