सेना अधिकारी पर टिप्पणी से आहत सुप्रीम कोर्ट, माफी न मांगने पर जताई नाराजगी
🧾 मंत्री की मंशा पर संदेह: सुप्रीम कोर्ट
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि
मंत्री का व्यवहार संदेह पैदा कर रहा है। यदि उन्होंने वास्तव में खेद जताया होता, तो उसका असर सार्वजनिक रूप से साफ दिखता।
मंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने बताया कि माफी ऑनलाइन मंच पर मौजूद है और उसे रिकॉर्ड में लाया जाएगा, लेकिन कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं दिखा।
🔍 SIT को 13 अगस्त तक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को 13 अगस्त तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। अब तक SIT 87 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
इस प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के 19 मई के आदेश के बाद शुरू हुई थी, जिसमें मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच करने को कहा गया था।
❌ कांग्रेस की याचिका खारिज, पर SIT को व्यापक जांच के निर्देश
कांग्रेस नेता जया ठाकुर द्वारा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर अदालत ने विचार करने से इनकार कर दिया। लेकिन याचिका में मंत्री पर लगे पुराने आरोपों पर तीन सदस्यीय SIT को जांच जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
🎥 वायरल वीडियो से मचा था बवाल
विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई थी, जिसमें मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते दिखे थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
⚖️ हाईकोर्ट की भी कड़ी टिप्पणी
इससे पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी मंत्री के बयान को “अपमानजनक और नफरत फैलाने वाला” बताते हुए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि “सेना जैसी संस्था के प्रति इस प्रकार की भाषा राष्ट्र विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।”
शाह ने बाद में बयान दिया कि वह कर्नल कुरैशी को अपनी बहन से अधिक सम्मान देते हैं और उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
📌 अगली सुनवाई 18 अगस्त को
सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 18 अगस्त 2025 को तय की है, जिसमें SIT की रिपोर्ट और मंत्री की ओर से माफी से जुड़े दस्तावेजों पर विचार किया जाएगा।
🌐 वेबसाइट: www.aksharsatta.page
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