“अगर महिलाओं के सम्मान के लिए खड़े होते, तो मणिपुर और सोफिया कुरैशी के मामले में भी दिखती संवेदनशीलता”
📍 डिंपल बोलीं - ‘‘अच्छा होता कि मणिपुर और सेना की महिला अधिकारी के लिए भी खड़े होते’’
संसद भवन के 'मकर द्वार' के पास एनडीए सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए डिंपल यादव ने मीडिया से कहा –
यह अच्छी बात है कि मेरे खिलाफ टिप्पणी करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन अगर यही लोग मणिपुर की महिलाओं के साथ हुए बर्बर कृत्य के खिलाफ या कर्नल सोफिया कुरैशी के अपमानजनक वीडियो पर भी आवाज़ उठाते, तो यह दिखाता कि वे महिलाओं के सम्मान को लेकर वास्तव में गंभीर हैं।
⚖️ FIR दर्ज, मौलाना साजिद रशीदी पर कार्रवाई
गौरतलब है कि मौलाना साजिद रशीदी ने एक टीवी डिबेट के दौरान डिंपल यादव के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिया था। इस मामले में लखनऊ के विभूतिखंड थाने में स्थानीय निवासी प्रवेश यादव की शिकायत पर रविवार शाम प्राथमिकी दर्ज की गई है।
🕌 मस्जिद में जाने पर उठाया था सवाल
बताया जा रहा है कि डिंपल यादव अपने पति अखिलेश यादव और कुछ अन्य सपा सांसदों के साथ संसद भवन के निकट एक मस्जिद गई थीं, जिसे लेकर मौलाना ने उनके पहनावे को लेकर टिप्पणी की थी। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया।
🔁 डिंपल ने कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद को जोड़ा मुद्दे से
डिंपल यादव ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई टिप्पणियों की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा –
दोनों ही घटनाएं महिलाओं के सम्मान से जुड़ी हैं। यदि सत्तापक्ष ईमानदारी से खड़ा होता तो इन मामलों में भी उनकी संवेदनशीलता दिखती।
📌 राजनीतिक रंग लेता जा रहा है मामला
राजग के सांसदों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। विपक्ष इस प्रदर्शन को "राजनीतिक दिखावा" करार दे रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे “महिला सम्मान की रक्षा” की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है।
🌐 वेबसाइट: www.aksharsatta.page
एक टिप्पणी भेजें