वार्ड क्रमांक 1 स्थित पॉवर हाउस मैदान में आयोजित इस महोत्सव का संयोजन कॉलोनी की समस्त मातृशक्ति ने मिलकर किया। आयोजन में मेहंदी, नृत्य और गायन प्रतियोगिताएं शामिल रहीं, जिनमें महिलाओं और युवतियों ने अपनी कला प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।
हरियाली तीज का पर्व शिव-पार्वती के पवित्र पुनर्मिलन का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने कठिन तप के माध्यम से भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसलिए यह पर्व सुहागन स्त्रियों के लिए अखंड सौभाग्य और कुंवारी कन्याओं के लिए योग्य वर की प्राप्ति की कामना से जुड़ा होता है।
उत्सव में भाग लेने वाली महिलाएं हरे परिधान और सोलह श्रृंगार में सजी-धजी थीं। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक झूलों और रंग-बिरंगी सजावट से अलंकृत किया गया था, जिससे समूचा वातावरण सावन के रस-रंग में डूबा नजर आया। लोकगीतों की गूंज, झूलों की मस्ती और हँसी-ठिठोली से सजी शाम ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।
नृत्य और गायन प्रतियोगिताओं में पारंपरिक और आधुनिक प्रस्तुतियों का मोहक संगम देखा गया। प्रतिभागियों ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। यह आयोजन एक ऐसा मंच साबित हुआ, जहां नारीशक्ति ने अपनी कला और संस्कृति का उत्साहपूर्वक और गरिमामय प्रदर्शन किया।
हरियाली तीज न केवल एक पर्व है, यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है—जहां प्रेम, भक्ति और परंपरा के रंग एक साथ झिलमिलाते हैं।
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