🧕 कौन हैं निमिषा प्रिया?
निमिषा प्रिया, केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली हैं। वह एक प्रशिक्षित नर्स हैं और 2017 से यमन में कार्यरत थीं। उन्हीं के यमनी बिज़नेस पार्टनर की हत्या के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया गया था। 2020 में यमन की अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी और 2023 में उनकी अंतिम अपील भी खारिज कर दी गई थी। तब से वह सना की जेल में बंद हैं।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने कहा कि निमिषा को सुरक्षित भारत लाने के प्रयास जारी हैं और कूटनीतिक स्तर पर लगातार संपर्क में हैं।
पीठ ने कहा:
केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, हम उन्हें निर्देश दे चुके हैं कि इस मामले में गंभीरता बरती जाए।
निमिषा के वकील की ओर से बताया गया कि फिलहाल फांसी टाल दी गई है, और अब क्षमादान याचिका तथा ब्लड मनी (मुआवज़ा) समझौते की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
📅 अगली सुनवाई 14 अगस्त को
शीर्ष अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 14 अगस्त 2025 तय की है। तब तक केंद्र सरकार को यमन सरकार के साथ बातचीत और मुआवज़े की संभावनाओं पर प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी।
🔍 क्या है ब्लड मनी?
"ब्लड मनी" एक इस्लामी कानून आधारित व्यवस्था है, जिसके तहत हत्या के मामलों में आरोपी, मृतक के परिवार को आर्थिक मुआवज़ा देकर सज़ा से राहत पा सकता है। निमिषा के मामले में यह पहलू भी महत्वपूर्ण बन गया है क्योंकि यदि पीड़ित परिवार मुआवज़ा स्वीकार कर लेता है, तो निमिषा को क्षमादान मिल सकता है।
🗣️ जन भावना और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इस मामले ने केरल और देशभर में भारी जन समर्थन प्राप्त किया है। कई सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार संस्थाओं ने भी केंद्र सरकार से दखल देने की अपील की थी। अब जब फांसी पर रोक लग गई है, तो इसे केंद्र सरकार के कूटनीतिक प्रयासों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
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