बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, राजद के तेजस्वी यादव, शिवसेना (उद्धव) के उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, उमर अब्दुल्ला, और सीपीआई-एमएल के दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
🔍 संसद सत्र में इन मुद्दों पर गरमाएगी बहस:
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पहलगाम आतंकी हमला – अब तक हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर जताई नाराज़गी
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर रहस्य और अचानक रोक
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ट्रंप की मध्यस्थता टिप्पणी और पीएम मोदी की चुप्पी
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बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर मतदाता अधिकारों की चिंता
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चीन, गाजा और विदेश नीति पर ठोस चर्चा की मांग
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SC/ST, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर अत्याचार के बढ़ते मामलों पर चिंता
🗣️ ‘सबका स्वर एक, जवाबदेही तय हो’ – कांग्रेस
बैठक के बाद प्रमोद तिवारी ने मीडिया को बताया,
बैठक में सर्वसम्मति रही कि सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। खासकर पीएम को पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे गंभीर मामलों पर संसद में खुलकर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष संसद को बाधित नहीं करना चाहता, लेकिन मुद्दों को उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार भी छीना नहीं जाना चाहिए।
❗ 'आप' की दूरी, फिर भी 24 दलों की मौजूदगी अहम
इस रणनीतिक बैठक से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने 'इंडिया' गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर सबको चौंका दिया। हालांकि, कांग्रेस ने इस पर सीधा जवाब देने से बचते हुए केवल यह बताया कि "आज 24 दल बैठक में शामिल हुए।"
🧩 पारदर्शिता बनाम चुप्पी: ट्रंप और चीन पर तीखी बहस तय
जयराम रमेश ने शुक्रवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि संसद सत्र के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता टिप्पणी, चीन सीमा तनाव, और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मामलों पर दो दिनों की चर्चा अटल मांग है।
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