सर्वदलीय बैठक: एकजुटता का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), आम आदमी पार्टी (AAP), और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। डॉ. यादव ने कहा, "प्रदेश में सभी राजनीतिक दल OBC को 27% आरक्षण देने के लिए सहमत हैं। हम विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के सभी मंचों पर मिलकर इसे लागू करने के लिए प्रयास करेंगे।"
बैठक में शामिल प्रमुख नेताओं में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, BSP प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल, SP प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के तलेश्वर सिंह मरकाम, AAP प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल, और CPI के जे.पी. दुबे शामिल थे। इसके अलावा, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, और सतना सांसद गणेश सिंह भी उपस्थित रहे।
OBC आरक्षण की यात्रा
मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने का निर्णय 8 मार्च 2019 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से लिया था, जिसे 14 अगस्त 2019 को विधानसभा में विधेयक पारित कर कानून बनाया गया। हालांकि, 19 मार्च 2019 को दायर याचिका (WP 5901/2019, आशिता दुबे बनाम मध्यप्रदेश शासन) सहित 40 से अधिक मामलों में अंतरिम आदेशों के कारण 27% आरक्षण का पूर्ण कार्यान्वयन संभव नहीं हो सका।
सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के इंद्रा साहनी बनाम भारत सरकार मामले में आरक्षण की सीमा 50% तक निर्धारित की थी, लेकिन विशेष परिस्थितियों में इससे छूट संभव है। मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण बढ़ाने से कुल आरक्षण 63% हो गया, जिसके खिलाफ कई याचिकाएं दायर हुईं।
सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने जिन विभागों में कोई रोक नहीं थी, जैसे लोक निर्माण विभाग, वहां 27% आरक्षण लागू किया गया। इसके अलावा, 29 सितंबर 2022 और 27 जनवरी 2024 को सामान्य प्रशासन विभाग ने MPPSC और कर्मचारी चयन बोर्ड को 87:13 फॉर्मूले के तहत परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए, जिसमें 87% पदों पर अंतिम और 13% पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित किए गए।
2 सितंबर 2021 को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया, जिसने OBC की सामाजिक, शैक्षणिक, और आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर 5 मई 2022 और 12 मई 2022 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। 18 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों में 35% तक OBC आरक्षण की अनुमति दी, जो एक ऐतिहासिक कदम था।
भविष्य की रणनीति
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हो रही जातिगत जनगणना से OBC आरक्षण को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने जोर दिया कि सभी वकील एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट में राज्य का पक्ष मजबूती से रखें ताकि बचे हुए 13% अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र मिल सकें।
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने इस बैठक को स्वागत योग्य कदम बताया, जबकि उमंग सिंघार ने इसे कांग्रेस की मांग की जीत करार दिया। समाजवादी पार्टी के मनोज यादव ने कहा कि OBC को उनका हक मिलना चाहिए।
मध्यप्रदेश सरकार और सभी राजनीतिक दल OBC को 27% आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए एकजुट हैं। सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर से शुरू होने वाली सुनवाई और वकीलों की साझा रणनीति से जल्द ही इस मामले में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। यह कदम न केवल OBC समुदाय के लिए बल्कि प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
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