बालाघाट: स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में अवैध आशीर्वाद पैथोलॉजी लैब सील, संचालक पर कार्रवाई के आदेश

बालाघाट, 28 अगस्त 2025। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वारासिवनी तहसील के ग्राम कोचेवाही में एक बड़ी छापेमारी की, जहां अवैध रूप से संचालित आशीर्वाद पैथोलॉजी लैब एवं कलेक्शन सेंटर को सील कर दिया गया। लैब के संचालक यश देशमुख के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई जनहित में की गई, क्योंकि लैब नियमों के विपरीत चल रही थी।


छापेमारी का विवरण

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि डॉ. गौरव करवते (चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी एन.सी.डी., जिला चिकित्सालय बालाघाट) और डॉ. सुषमा गोयल (चिकित्सा अधिकारी एवं आर.एम.ओ., जिला चिकित्सालय बालाघाट) के संयुक्त नेतृत्व में एक जांच दल गठित किया गया। इस दल में तहसीलदार वारासिवनी श्री तीरथ कुमार अक्षरिया और थाना प्रभारी वारासिवनी द्वारा नामित आरक्षक शामिल थे।

जांच दल ने कोचेवाही में आशीर्वाद पैथोलॉजी लैब का आकस्मिक निरीक्षण किया। पंचनामा के अनुसार, लैब संचालक यश देशमुख ने लगभग दो महीने पहले खुशलराव पटले की दुकान किराए पर लेकर यह अवैध लैब शुरू की थी। निरीक्षण के दौरान यश देशमुख मौके पर नहीं मिले। उनके मोबाइल नंबर (6266214724) पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे अपनी बीमार बहन को देखने सिवनी जा रहे हैं।

लैब में पाई गई अनियमितताएं

लैब में उनकी सहायिका स्वाति तुरकर (योग्यता: डी.एम.एल.टी.) उपस्थित थीं। जांच में पाया गया कि:

  • यश देशमुख की शैक्षणिक योग्यता या पैथोलॉजी टेक्नीशियन से संबंधित कोई दस्तावेज प्रदर्शित नहीं थे।

  • स्वाति तुरकर ने बताया कि यश देशमुख ग्राम सेलवा (तहसील कटंगी) से रोजाना आते-जाते हैं और उनकी योग्यता डी.एम.एल.टी. है।

  • लैब में सेंट्रीफ्यूज मशीन, हीमेटोलॉजी एनालाइजर, कंप्यूटर, प्रिंटर, रेफ्रिजरेटर, रैपिड टेस्ट किट और रिएजेंट्स उपलब्ध थे।

  • दो रोगियों की रिपोर्ट मिली: तोषकला देशमुख (50 वर्ष, पुरुष, ग्राम उमरी) की हीमोटोलॉजी (सी.बी.सी.), बायोकेमेस्ट्री (सी आर पी) और सेरोलॉजी (विडाल टेस्ट) रिपोर्ट; तथा मेघा भवरे (28 वर्ष, महिला, छोटी कोचेवाही) की सेरोलॉजी (विडाल टेस्ट) रिपोर्ट। इन रिपोर्टों को जांच दल ने जब्त कर लिया।

नियमों का उल्लंघन

मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद, भोपाल के निर्देशानुसार, पैथोलॉजी लैब संचालित करने के लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के तहत पैथोलॉजी में स्नातकोत्तर डिग्री या डिप्लोमा धारक होना अनिवार्य है, साथ ही मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद एक्ट 1987 की धारा 13 के तहत पंजीकृत होना चाहिए। आशीर्वाद पैथोलॉजी लैब इन नियमों का उल्लंघन कर रही थी और उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के विपरीत थी। इसलिए, जांच दल ने लैब को तत्काल सील कर दिया।

आगे की कार्रवाई

यश देशमुख के खिलाफ आवश्यक जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि अवैध लैबों से दूर रहें और केवल पंजीकृत चिकित्सा सुविधाओं का उपयोग करें। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जनहित की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

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