लांजी, बालाघाट, 01 अगस्त 2025 – आदिवासी बाहुल्य बालाघाट जिले के सुदूर गांवों में डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एकल अभियान संच ने एक अनूठी पहल शुरू की है। एकल ग्राम, एकल विद्यालय मॉडल के तहत नक्सल प्रभावित और संसाधन-विहीन गांवों में आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए मोबाइल कंप्यूटर लैब बस का शुभारंभ किया गया है। यह पहल उन बच्चों के लिए वरदान साबित होगी, जहां बुनियादी शिक्षा भी आज तक एक सपना थी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध एकल अभियान संच लांजी के अध्यक्ष झनकार किरनापुरे ने बताया कि इस योजना का शुभारंभ दो दिन पूर्व जिला मुख्यालय में हो चुका है। 01 अगस्त को लांजी के कोटेश्वर धाम में मोबाइल कंप्यूटर लैब बस का विधिवत पूजन-अर्चन कर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण लेने आए विद्यार्थियों ने स्वयं बस का पूजन किया और बस में डिजिटल शिक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद बस को क्षेत्र के घोटी नंदोरा गांव भेजा गया, जहां स्कूली बच्चों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
झनकार किरनापुरे ने कहा, “इस मोबाइल कंप्यूटर लैब बस में तीन पूर्णकालिक प्रशिक्षक हैं, जो गांव के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य डिजिटल शिक्षा को उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जहां स्कूल और शिक्षक जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।”
कार्यक्रम में एकल अभियान संच लांजी के प्रमुख सदस्य विजय रामटेक्कर, विशाल राउत खोंगल, संतोष मोरघोड़े, योगेंद्र दहीकर, अजय खरगाल, दिनेश रामटेक्कर, लक्ष्मण रामटेक्कर, दुर्गा दिनेश रामटेक्कर, लाला अग्रवाल, महेंद्र रणदिवे, परमेश्वर कुथे, डॉ. राजेश रणदिवे, डॉ. किशोर सोनवाने, और एकल संच समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देगी, बल्कि आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी। एकल अभियान संच की यह नवाचारी योजना शिक्षा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एक टिप्पणी भेजें