हर नागरिक और हर उद्योग को विश्वसनीय, स्वच्छ और किफायती बिजली उपलब्ध कराना हमारा संकल्प

विद्युत कंपनियों के मुख्यालय में प्रदेश के ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने किया ध्वजारोहण

जबलपुर। मध्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पाण्डुताल मैदान में भव्य समारोह आयोजित कर प्रदेश की ऊर्जा उपलब्धता में हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित किया। प्रदेश के ऊर्जा सचिव तथा एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले ने मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।


अपने संबोधन में श्री गढ़पाले ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का स्पष्ट संकल्प है—हर नागरिक, हर खेत और हर उद्योग को विश्वसनीय, स्वच्छ तथा किफायती बिजली उपलब्ध कराना। वर्ष 2025-26 में ऊर्जा क्षेत्र में लिए गए निर्णय न केवल वर्तमान मांगों को पूरा करते हैं, बल्कि भविष्य की बढ़ती आवश्यकताओं के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में योजनाओं, संरचनात्मक सुधारों, तकनीकी उन्नयन और निवेश संवर्धन के माध्यम से कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

प्रमुख उपलब्धियों में विद्युत कंपनियों में 51,711 नए नियमित पदों का सृजन शामिल है, जिससे कार्यक्षमता और उपभोक्ता सेवाओं में विस्तार संभव हुआ है। इनमें पश्चिम क्षेत्र वितरण कंपनी के लिए 17,402, मध्य क्षेत्र के लिए 16,165, पूर्व क्षेत्र के लिए 15,690, ट्रांसमिशन कंपनी के लिए 1,431 और जनरेटिंग कंपनी के लिए 1,017 पद शामिल हैं। सीधी भर्ती प्रक्रिया जारी है।

उपभोक्ता हित में राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को 27,636 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है, जो अटल गृह ज्योति, अटल कृषि ज्योति, टैरिफ सब्सिडी और नि:शुल्क विद्युत योजनाओं के माध्यम से दी जा रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्यास महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत 26,000 से अधिक अविद्युतकीकृत घरों का विद्युतीकरण पूरा किया गया।

ऊर्जा उपलब्धता के आंकड़े प्रभावशाली हैं। वित्तीय वर्ष में 14 जनवरी 2026 को प्रदेश में 19,895 मेगावाट की शीर्ष मांग सफलतापूर्वक पूरी की गई, जो पिछले वर्ष की 18,913 मेगावाट से 5.19% अधिक है। 31 दिसंबर 2025 को 3,561.31 लाख यूनिट की सर्वाधिक आपूर्ति दर्ज की गई। वर्ष में 121 दिन शीर्ष मांग 13,000 मेगावाट से ऊपर रही। पावर एक्सचेंज से दिसंबर 2025 तक 1,567 करोड़ रुपये की अतिशेष बिजली बेची गई, जो पिछले वर्ष से 15% अधिक है।

एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी की 11 ताप यूनिटों ने 100 दिनों से अधिक अनवरत संचालन का कीर्तिमान बनाया। अमरकंटक ताप विद्युत गृह की 210 मेगावाट यूनिट नंबर 5 ने 482 दिनों तक निरंतर उत्पादन कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया, जो अभी भी क्रियाशील है। कंपनी अमरकंटक चचाई और सतपुड़ा सारनी में 660 मेगावाट की दो नई यूनिटें स्थापित कर रही है, प्रत्येक की लागत करीब 11,599 करोड़ रुपये है। भेल के साथ समझौता हो चुका है और कार्य प्रगति पर है। इनसे 2030-31 से बिजली लाभ मिलेगा।

ट्रांसमिशन क्षमता बढ़कर 82,985 MVA हो गई है। एमपी ट्रांसको ने 220 केवी लाइनों पर ड्रोन पेट्रोलिंग शुरू कर अब 400 केवी एवं 132 केवी तक विस्तार किया है, जिसमें 23,000 टावरों की निगरानी हो रही है। प्रोटेक्शन सेल पूर्णतः डिजिटल हो गया है।

वितरण कंपनियों की समाधान योजना 2025-26 प्रभावी सिद्ध हुई। अब तक 729 करोड़ 25 लाख रुपये मूल राशि जमा हुई, 296 करोड़ 57 लाख रुपये सरचार्ज माफ किया गया और 14.46 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया। योजना की अवधि 31 जनवरी 2026 तक बढ़ाई गई।

नवाचारों में सिम्युलेटर, केन्द्रीकृत निगरानी, इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म, V-मित्र ऐप, वाहन माउंटेड क्रेन, अंडरग्राउंड केबलिंग, बैटरी स्टोरेज सिस्टम आदि शामिल हैं।

समारोह में 64 विद्युतकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के सिविल सर्किल को चलित शील्ड प्रदान की गई। परेड में सुरक्षा विभाग और बालक मंदिर स्कूल की टुकड़ियां शामिल हुईं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने राष्ट्रीय भावना को मजबूत किया।

समारोह का संचालन एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के जनसम्पर्क अधिकारी पंकज स्वामी और आभार प्रदर्शन पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता ने किया।

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