⚠️ बलिया में भाजपा के दो दिग्गज नेताओं के परिजनों के बीच हिंसक झड़प, 10 लोग घायल

पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के बेटे और पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह पर एक-दूसरे पर गोली चलाने और जानलेवा हमले के आरोप

बलिया (उत्तर प्रदेश), 28 जुलाई 2025 |
उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में रविवार शाम उस समय तनाव फैल गया जब भाजपा के दो प्रभावशाली नेताओं के परिवारों के बीच हिंसक झड़प हो गई। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के बेटे विपुलेंद्र प्रताप सिंह और भाजपा के पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह के बीच हुए विवाद ने जानलेवा हमले और गोलीबारी का रूप ले लिया, जिसमें दोनों पक्षों के कुल 10 लोग घायल हो गए।


🔥 अंतिम संस्कार कार्यक्रम बना झगड़े की वजह

घटना बैरिया क्षेत्र के सोनबरसा गांव के पास हुई, जब प्रशांत उपाध्याय नामक व्यक्ति अपने परिजनों के साथ पचरखिया घाट पर एक अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था। उसी समय वहां पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह भी पहुंचे, लेकिन बातचीत न होने पर वह नाराज़ होकर लौट गए।

प्रशांत की शिकायत के अनुसार,

वापसी के समय देवराज ब्रम्हमोड़ स्थान पर सुनियोजित तरीके से हमारे वाहन रोके गए और लाठी-डंडों, पत्थरों और धारदार हथियारों से हमला किया गया। सुरेन्द्र सिंह ने तो पिस्तौल से गोली चलाई, जो मेरे कान को छूकर निकल गई।

इस तहरीर के आधार पर सुरेन्द्र सिंह, उनके बेटे हजारी सिंह समेत 18 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, डकैती सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।


🔫 पूर्व सांसद के बेटे पर चाकू और गोली चलाने का आरोप

दूसरी ओर, सुरेन्द्र सिंह के बेटे विद्या भूषण सिंह ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि

वह देवराज ब्रम्हमोड़ पर थे, तभी विपुलेंद्र प्रताप सिंह अपने साथियों के साथ पहुंचे और मेरी गर्दन पर चाकू से हमला किया। साथ ही रिवॉल्वर से गोली भी चलाई गई। 

इस आधार पर भाजपा के पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के बेटे विपुलेंद्र प्रताप सिंह समेत 8 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।


🏥 10 लोग अस्पताल में भर्ती, पुलिस कर रही जांच

बैरिया क्षेत्र के सीओ मोहम्मद फहीम कुरैशी के अनुसार,

दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना में घायल हुए 10 लोगों को सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। 

उन्होंने बताया कि पुलिस जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।


⚖️ एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

इस पूरे विवाद में दोनों पक्ष एक-दूसरे को हिंसा के लिए दोषी ठहरा रहे हैं।
पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि घटना उनके खिलाफ साजिश थी, जबकि विपुलेंद्र प्रताप सिंह ने इसे आत्मरक्षा में की गई प्रतिक्रिया बताया है।


🔍 प्रशासन की सख्ती और राजनीतिक हलचल

घटना के बाद बलिया पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर दबाव है। चूंकि मामला सत्तारूढ़ दल भाजपा के दो प्रभावशाली नेताओं के परिवारों से जुड़ा है, इसलिए राजनीतिक हलकों में भी यह विषय चर्चा में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक दबाव के बावजूद पुलिस तटस्थ जांच का आश्वासन दे रही है।


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